जोधपुर का पंचांग Jodhpur Panchang
गुरुवार, 27 मई 2027ज्येष्ठ कृष्ण सप्तमी
जोधपुर · शहर बदलें
भारत
- अमृतसर
- अयोध्या
- अलीगढ़
- अहमदाबाद
- आगरा
- इंदौर
- उज्जैन
- उदयपुर
- ऋषिकेश
- कानपुर
- कोच्चि
- कोटा
- कोयंबटूर
- कोलकाता
- गया
- गाज़ियाबाद
- गुरुग्राम
- गुवाहाटी
- गोरखपुर
- ग्वालियर
- चंडीगढ़
- चेन्नई
- जबलपुर
- जम्मू
- जयपुर
- जोधपुर
- ठाणे
- तिरुपति
- तिरुवनंतपुरम
- दिल्ली
- देहरादून
- द्वारका
- नई दिल्ली
- नागपुर
- नाशिक
- नोएडा
- पटना
- पुणे
- पुरी
- प्रयागराज
- फ़रीदाबाद
- बरेली
- बेंगलुरु
- भुवनेश्वर
- भोपाल
- मंगलुरु
- मथुरा
- मदुरै
- मुंबई
- मुरादाबाद
- मेरठ
- मैसूरु
- रांची
- राजकोट
- रायपुर
- लखनऊ
- लुधियाना
- वडोदरा
- वाराणसी
- विशाखापत्तनम
- वृंदावन
- शिमला
- शिरडी
- श्रीनगर
- सूरत
- हरिद्वार
- हैदराबाद
विदेश
दिन
- तिथि
- सप्तमी सुबह 6:25, 28 मई तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा सुबह 7:14, 28 मई तक
- योग
- इन्द्र रात 2:58, 28 मई तकवैधृति रात 3:34, 29 मई तक
- करण
- विष्टि शाम 5:17 तकबव सुबह 6:25, 28 मई तक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- वार
- गुरुवार
- मास
- ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) · वैशाख (अमांत)
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सुबह 5:47
- सूर्यास्त
- शाम 7:24
- चंद्रोदय
- रात 12:10
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:24 – सुबह 5:05
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:08 – दोपहर 1:02
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:51 – दोपहर 3:46
- निशिता मुहूर्त
- रात 12:14, 28 मई – रात 12:56, 28 मई
इनसे बचें
- राहु काल
- दोपहर 2:17 – दोपहर 3:59
- यमगण्ड
- सुबह 5:47 – सुबह 7:29
- गुलिक काल
- सुबह 9:11 – सुबह 10:53
- दुर्मुहूर्त
- सुबह 10:19 – सुबह 11:14, दोपहर 3:46 – शाम 4:40
चौघड़िया
| शुभ | सुबह 5:47 – सुबह 7:29 |
|---|---|
| रोग | सुबह 7:29 – सुबह 9:11 |
| उद्वेग | सुबह 9:11 – सुबह 10:53 |
| चर | सुबह 10:53 – दोपहर 12:35 |
| लाभ | दोपहर 12:35 – दोपहर 2:17 |
| अमृत | दोपहर 2:17 – दोपहर 3:59 |
| काल | दोपहर 3:59 – शाम 5:41 |
| शुभ | शाम 5:41 – शाम 7:24 |
| अमृत | शाम 7:24 – रात 8:41 |
|---|---|
| चर | रात 8:41 – रात 9:59 |
| रोग | रात 9:59 – रात 11:17 |
| काल | रात 11:17 – रात 12:35 |
| लाभ | रात 12:35 – रात 1:53 |
| उद्वेग | रात 1:53 – रात 3:11 |
| शुभ | रात 3:11 – सुबह 4:29 |
| अमृत | सुबह 4:29 – सुबह 5:47 |
आने वाले त्योहार
समय जोधपुर (UTC+5:30) के हैं, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, लाहिड़ी अयनांश और ऊपरी किनारे वाले सूर्योदय से, जैसा ज़्यादातर भारतीय पंचांग मानते हैं।