भक्ति दरबार

द्वारका का पंचांग Dwarka Panchang

बुधवार, 11 अक्टूबर 2028कार्तिक कृष्ण अष्टमी

द्वारका · शहर बदलें

दिन

तिथि
अष्टमी सुबह 4:54, 12 अक्टू तकनवमी रात 3:22, 13 अक्टू तक
नक्षत्र
आर्द्रा सुबह 9:29 तकपुनर्वसु सुबह 9:10, 12 अक्टू तक
योग
परिघ सुबह 8:11 तकशिव सुबह 6:19, 12 अक्टू तकसिद्ध रात 3:55, 13 अक्टू तक
करण
बालव शाम 5:26 तककौलव सुबह 4:54, 12 अक्टू तकतैतिल शाम 4:13, 12 अक्टू तक
पक्ष
कृष्ण पक्ष
वार
बुधवार
मास
कार्तिक (पूर्णिमांत) · आश्विन (अमांत)

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
सुबह 6:49
सूर्यास्त
शाम 6:32

त्योहार और व्रत

  • अहोई अष्टमी

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:11 – सुबह 6:00
अभिजित मुहूर्त
बुधवार को नहीं
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:38 – दोपहर 3:25
निशिता मुहूर्त
रात 12:16, 12 अक्टू – रात 1:05, 12 अक्टू

इनसे बचें

राहु काल
दोपहर 12:41 – दोपहर 2:09
यमगण्ड
सुबह 8:17 – सुबह 9:45
गुलिक काल
सुबह 11:13 – दोपहर 12:41
दुर्मुहूर्त
दोपहर 12:17 – दोपहर 1:04

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
लाभसुबह 6:49 – सुबह 8:17
अमृतसुबह 8:17 – सुबह 9:45
कालसुबह 9:45 – सुबह 11:13
शुभसुबह 11:13 – दोपहर 12:41
रोगदोपहर 12:41 – दोपहर 2:09
उद्वेगदोपहर 2:09 – दोपहर 3:36
चरदोपहर 3:36 – शाम 5:04
लाभशाम 5:04 – शाम 6:32
रात का चौघड़िया
उद्वेगशाम 6:32 – रात 8:04
शुभरात 8:04 – रात 9:37
अमृतरात 9:37 – रात 11:09
चररात 11:09 – रात 12:41
रोगरात 12:41 – रात 2:13
कालरात 2:13 – रात 3:45
लाभरात 3:45 – सुबह 5:17
उद्वेगसुबह 5:17 – सुबह 6:49

समय द्वारका (UTC+5:30) के हैं, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, लाहिड़ी अयनांश और ऊपरी किनारे वाले सूर्योदय से, जैसा ज़्यादातर भारतीय पंचांग मानते हैं।